अनिवार्य प्रश्न। संवाद। रामपुर । समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के रामपुर दौरे के दौरान गेस्ट हाउस में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब सांसद इकरा हसन और सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के समर्थक हॉल में प्रवेश को लेकर आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ देर के लिए हॉल के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के लिए जौहर रोड स्थित संत शिरोमणि गेस्ट हाउस के हॉल में प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी अंदर जाने का प्रयास करने लगे। बताया जाता है कि सांसद इकरा हसन के समर्थकों ने उनके साथ हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की, जबकि आजम खां के समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सीमित स्थान और भारी भीड़ के कारण दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने बीच में आकर मामले को शांत किया। कुछ समय तक प्रवेश द्वार पर अव्यवस्था का माहौल बना रहा, जिसके कारण प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। काफी मशक्कत के बाद सांसद इकरा हसन को सुरक्षा घेरे में हॉल के भीतर पहुंचाया गया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और प्रतिनिधिमंडल की बैठक आगे बढ़ सकी।दो दिन पहले रामपुर सांसद और आजम समर्थकों के बीच हुई थी बहसदो दिन पहले विधायकों व पदाधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल रामपुर पहुंचा था तब रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और सपा नेता आजम खां के समर्थकों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। उस वक्त दोनों ओर से नारेबाजी भी हुई थी। जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ खुलकर उतरी समाजवादी पार्टी के आठ सांसदों का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को कई अन्य नेताओं के साथ रामपुर पहुंचा। आसपास के सपा और आजम खां समर्थक भी भारी भीड़ के साथ पहुंचे थे। संत रविदास गेस्टहाउस में एकत्र होकर प्रतिनिधिमंडल जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर सातवें दिन बेमियादी धरने पर बैठे छात्रों से जाकर मिला। उन्हें भरोसा दिया कि यूनिवर्सिटी को टूटने नहीं दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल, यूनिवर्सिटी के वीसी से बंद कमरे में मुलाकात के बाद कलक्ट्रेट पहुंचा और यहां जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें एक सुर में आरडीए के आदेश का विरोध जताया और इस आदेश को रद्द करने की मांग उठाई। सांसदों ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी काम कर रही है। यूनिवर्सिटी को तोड़ने का आदेश शिक्षा विरोधी है। शनिवार को रामपुर का सियासी पारा चढ़ा रहा। दोपहर के वक्त सपा का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा। संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में पहुंचकर सपाइयों से पूरे मामले की जानकारी ली। राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां नेतृत्व करते दिखे। सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सीधे जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा, जहां पर छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी के बीच अपना मांग पत्र प्रतिनिधिमंडल को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आश्वासन दिया कि किसी भी कीमत पर यूनिवर्सिटी को नहीं तोड़ने दिया जाएगा। इसके बाद सपा का प्रतिनिधिमंडल जौहर यूनिवर्सिटी के भीतर पहुंचा, जहां पर वीसी से मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक सांसदों ने पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात की। इस दौरान सांसदों ने ज्ञापन दिया, जिसमें एक सुर में आरडीए के आदेश को रद्द करने की मांग उठाई। इस दौरान समर्थकों की भारी भीड़ रही। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने साफ किया कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी है। इसलिए इस तरह का आदेश किया गया है। इस आदेश के खिलाफ कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। किसी भी कीमत पर यूनिवर्सिटी को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। रामपुर सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, महाराष्ट्र के सपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक (पूर्व सांसद) अबू आसिम आजमी, सांसद हरेंद्र सिंह मलिक, सांसद रुचिवीरा, सांसद इकरा हसन, सांसद नीरज मौर्य, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद देवेश शाक्य तथा सांसद राम शिरोमणि वर्मा शामिल रहे। सपा प्रदेशाध्यक्ष द्वारा सांसद प्रतिनिधिमंडल की सूची से रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और सांसद राजीव राय नदारद रहे। बताया गया कि सांसद राजीव राय के पिता की पुण्यतिथि होने के कारण और मोहिबुल्लाह की तबीयत खराब होने के कारण वह शामिल नहीं हो सके। Post navigation संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान की कार्यशाला एवं कार्ययोजना बैठक महानगर कार्यालय गुलाब बाग में संपन्न सारनाथ यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल, उत्तर प्रदेश की बौद्ध विरासत को मिली वैश्विक पहचान