The District Magistrate inspected the MCH wing and emergency building of the Divisional District Hospital.The District Magistrate inspected the MCH wing and emergency building of the Divisional District Hospital.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

तीन दिन में 30 बेड पर मरीजों को शिफ्ट करने का निर्देश, चौथे फ्लोर के 58 बेड एक माह में होंगे तैयार

वाराणसी। मंडलीय जिला चिकित्सालय में 500 बेड का मल्टी सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सालय विकसित करने की दिशा में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को एमसीएच विंग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न तलों पर बेड एवं चिकित्सा सुविधाओं की शिफ्टिंग और पुनर्स्थापना के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमसीएच विंग के द्वितीय तल पर 30 बेड पर मरीजों को शिफ्ट करने के लिए वार्ड, वॉशरूम और अन्य जरूरी सुविधाओं का कार्य तीन दिन के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया। तृतीय तल पर चल रहे कार्यों में फ्लोर फिनिशिंग, वॉशरूम और ऑक्सीजन व्यवस्था सहित सभी आवश्यक कार्य 25 अक्टूबर से पहले पूर्ण कर मरीजों को शिफ्ट करने को कहा। वहीं, चतुर्थ तल पर 58 बेड फेब्रिकेटेड के निर्माण कार्य को एक माह के भीतर पूरा कर मरीजों के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

एमसीएच विंग के द्वितीय तल पर 20 बेड पुरुष सर्जरी और 10 बेड महिला सर्जरी के लिए निर्धारित हैं। तृतीय तल पर 52 बेड पुरुष मेडिसिन, 30 बेड महिला मेडिसिन, 16 बेड पुरुष आर्थाे और आठ बेड महिला आर्थाे के लिए प्रस्तावित हैं। इस तल पर कुल 106 बेड की व्यवस्था होगी। चतुर्थ तल पर 58 बेड में आईसीयू, पीडियाट्रिक, पीआईसीयू, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, आईसीटीसी और लॉन्ड्री जैसी सुविधाएं शामिल हैं। जिलाधिकारी ने मंडलीय जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी भवन का भी निरीक्षण किया। ग्राउंड फ्लोर पर 40 बेड की व्यवस्था है, जिसमें एचडीयू, इमरजेंसी, आईसीयू, आइसोलेशन, सेफ हाउस, ईओपीडी, ट्रायज एरिया और रिससिटेशन रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रथम तल पर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और अस्पताल का रिकॉर्ड रूम स्थापित कराने के निर्देश दिए गए। द्वितीय तल पर कुल 41 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसमें 33 बेड बर्न यूनिट, तीन बेड ओटी प्री-ऑप और पांच बेड पोस्ट-ऑप के लिए निर्धारित हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं।

इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता करुणेश अरोड़ा, अवर अभियंता लालमणि, निर्माण कार्यदायी संस्था मेसर्स महालाशा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा के परियोजना प्रबंधक श्रीकांत पाल, परामर्शी अभियंता संतोष पटेल, मंडलीय जिला चिकित्सालय के मंडलीय अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, जिला महिला चिकित्सालय की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. मनीषा सैंगर, एमसीएच विंग के अधीक्षक डॉ. आर.एन. विश्वकर्मा तथा हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक प्रतोष कुमार सिंह उपस्थित रहे।

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