अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा, जिला आर्द्रभूमि, जिला पर्यावरण एवं वृक्षारोपण समितियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में नदी पुनरुद्धार, आर्द्रभूमि संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण तथा वृक्षारोपण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वरुणा नदी के विभिन्न स्ट्रेच में गिरने वाले नालों की टैपिंग के लिए निविदा प्रक्रिया प्रचलित है। स्ट्रेच-1 के अंतर्गत दुर्गा नाले एवं लोहता क्षेत्र के सीवेज के शोधन के लिए बेदौली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य जारी है। अस्सी घाट पार्किंग, एमएमएलपी एवं एलिवेटेड कॉरिडोर से संबंधित एनओसी की भी समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने स्वच्छता ही सेवा अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। जिला आर्द्रभूमि समिति की समीक्षा में कठिरांव ताल, डोमैला ताल एवं करसड़ा ताल की अधिसूचना संबंधी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अस्सी नदी के उद्गम स्थल कंदवा आर्द्रभूमि के संयुक्त निरीक्षण, सीमांकन तथा इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान (आईएमपी) तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा भिकारीपुर ताल सहित अन्य आर्द्रभूमियों की स्थिति तथा ग्राम आर्द्रभूमि समितियों के गठन की भी समीक्षा की। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में बताया गया कि उत्सर्जित ठोस अपशिष्ट का करसड़ा प्लांट तथा प्लास्टिक वेस्ट का रमना प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, 4-टियर सेग्रीगेशन के लिए बिन्स वितरण तथा बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। जलालीपुरा ई-वेस्ट केंद्र और रमना सीएंडडी प्लांट के संचालन की स्थिति भी देखी गई। शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलर्स एवं स्वीपिंग मशीनों के उपयोग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नदी पुनरुद्धार, आर्द्रभूमि संरक्षण, कचरा पृथक्करण एवं वृक्षारोपण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से लगाए गए पौधों की जीवितता दर सुनिश्चित करने तथा नियमित निगरानी पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में केवल लक्ष्य पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके स्थायी परिणाम भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए। Post navigation केंद्रीय चिकित्सालय बरेका में मनाया गया विश्व फार्मासिस्ट दिवस मृतक अरविंद की दोनों बच्चियों को एसपी ने लिया गोद, पुलिस कर्मियों ने दी एक दिन की सैलरी