अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और यातायात प्रबंधन को लेकर दिए विशेष निर्देश, डेडिकेटेड कांवड़ लेन से लेकर 24×7 सीसीटीवी निगरानी तक की गई व्यापक व्यवस्था वाराणसी। सावन के प्रथम सोमवार पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी पूरी तरह सतर्क हो गया है। रविवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गिरजाघर मार्ग, गोदौलिया, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तथा गंगा घाटों का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन हेतु किए गए प्रबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ मित्रवत, संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम दर्शन पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा सभी कर्मी श्रद्धालुओं को “सर” एवं “मैडम” कहकर संबोधित करते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रयागराज-वाराणसी कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए डेडिकेटेड कांवड़ लेन बनाई गई है, जहां पीआरवी, क्यूआरटी और पर्याप्त पुलिस बल की निरंतर तैनाती की गई है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र, कांवड़ मार्ग और संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, जिसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मुख्य गेट संख्या-4 के अतिरिक्त गेट संख्या-4बी की व्यवस्था की गई है, जहां पहचान पत्र के आधार पर अलग प्रवेश दिया जाएगा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं मंदिर मार्गों पर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो संदिग्ध एवं असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। वहीं कांवड़ यात्रा मार्ग पर अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधाएं, खोया-पाया केंद्र तथा सूचना सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और क्रॉसिंगों पर जिगजैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है तथा अवैध कटों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरि मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। Post navigation मानसून सत्र जनहित के मुद्दों, विकास और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर … उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मैंने क्या अपराध किया.. हमले के बाद पप्पू यादव ने जताई हत्या की आशंका