अनिवार्य प्रश्न। संवाद। भुवनेश्वर: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ओडिशा के कालाहांडी जिले के गौड़ा कारलाखुंटा गांव में एक हृदयविदारक घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस के कारण छह लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। क्या है मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 26 मई 2026 को हुई। बताया जा रहा है कि घर के मालिक निमाई पाल (40) और उनके बेटे आकाश (20) समेत कुछ मजदूर 10 फुट गहरे सेप्टिक टैंक से सेंट्रिंग (निर्माण सामग्री) हटा रहे थे। इसी दौरान एक राजमिस्त्री टैंक के अंदर गिर गया और बाहर नहीं निकल पाया। उसे बचाने के लिए एक-एक कर बाकी लोग नीचे उतरे, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से सभी अचेत हो गए। बाद में दमकल विभाग की टीम ने उन्हें बाहर निकाला, जिसमें से छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। एक घायल मजदूर, पंकज जानी, का जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज चल रहा है। आयोग की सख्त टिप्पणी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में आई खबरें सही हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों के अभाव का एक बड़ा मामला है। प्रशासन को नोटिस आयोग ने ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव और कालाहांडी के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी अनिवार्य है: जांच की वर्तमान स्थिति: घटना के कारणों और जिम्मेदारियों के निर्धारण की क्या प्रगति है। घायल मजदूर की स्थिति: उपचाराधीन व्यक्ति के स्वास्थ्य की अपडेट जानकारी। मुआवजा: मृतकों के परिवारों को दी गई आर्थिक सहायता या मुआवजे के वितरण का विवरण। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Post navigation देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर दौड़ने को तैयार, भारतीय रेलवे ने जिंद-सोनीपत रूट पर संचालन को दी मंजूरी