Author: Anivarya Prashna News

मृत्यु के बाद उपयोगी बनना है, तो देहदान करें :   कल्पना पांडे

आलेख। कुछ महीने पहले मैंने देहदान का निर्णय लिया और मुंबई के के.ई.एम. अस्पताल जाकर उसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। समाज में मृत्यु संबंधी अंधविश्वासों, रूढ़ियों और गलतफहमियों को दूर…

प्रकृति का न्याय: धूप, हवा और पानी की तरह बुद्धि का वितरण भी सभी के लिए समान — डॉ. दयाराम विश्वकर्मा

बुद्धि एक ऐसी मानसिक क्षमता है जो तर्क करने, योजना बनाने, समस्याओं को हल करने, अमूर्त रूप से सोचने व अनुभवों से सीखने में मदद करती है। यह प्रकृति द्वारा…

अधिकारी होना: मज़ा भी और सज़ा भी : डॉक्टर दयाराम विश्वकर्मा

हाँ, तो बात हो रही थी— “अधिकारी होना: मज़ा भी और सज़ा भी।” तो आइए देखें कैसे अधिकारी होना मज़ा और सज़ा दोनों होता है। अधिकारी बनने पर जहाँ एक…

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