अनिवार्य प्रश्न। संवाद । नई दिल्ली। देश में अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर नकेल कसते हुए केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म को सार्वजनिक पहुंच के लिए बंद कर दिया है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के गंभीर उल्लंघन के कारण की गई है। इस बात की जानकारी सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में सांसद श्री राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में दी। डॉ. मुरुगन ने बताया कि बंद किए गए इन ओटीटी प्लेटफॉर्मों पर अश्लील व आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने और आईटी अधिनियम की धारा 67 व 67ए, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, तथा महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के उल्लंघन का आरोप था। प्राप्त शिकायतों के आधार पर सरकार ऐसे मध्यस्थों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। सरकार ने डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के प्रकाशकों के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से 25 फरवरी 2021 को ‘सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021’ अधिसूचित किए थे। इन नियमों का ‘भाग-III’ डिजिटल समाचार और ओटीटी प्लेटफॉर्मों के लिए आचार संहिता निर्धारित करता है, जिसके तहत शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाता है। साथ ही, आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(बी) के तहत गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने और उस तक पहुंच को ब्लॉक करने का स्पष्ट प्रावधान है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है। Post navigation फ्लाइट बुकिंग पर ‘डार्क पैटर्न्स’ के इस्तेमाल के लिए स्पाइसजेट पर लगा ₹1 लाख का जुर्माना मिशन वात्सल्य पोर्टल: लापता और जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा के लिए एकीकृत पहल