Mission Vatsalya Portal: An integrated initiative for the safety of missing and needy children.इस नई व्यवस्था के तहत लापता और मिले हुए बच्चों के लिए संचालित 'ट्रैकचाइल्ड पोर्टल', नागरिकों की सहभागिता वाला 'खोया-पाया एप्लिकेशन', और बच्चों के घर पुनर्वास के लिए बना 'गो होम एंड री-यूनाइट (GHAR) पोर्टल'—इन सभी को अब एकीकृत मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है।

अनिवार्य प्रश्न। संवाद ।

नई दिल्ली। नई दिल्ली: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श व समन्वय से एक ‘एकीकृत मिशन वात्सल्य पोर्टल’ विकसित किया है। यह योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) तथा कानून के उल्लंघन के मामलों से जुड़े बच्चों (CCL) की सहायता के लिए लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रह रहे लापता, असुरक्षित और जरूरतमंद बच्चों की देखभाल, पुनर्वास और समाज में पुनःएकीकरण सुनिश्चित करना है।

इस नई व्यवस्था के तहत लापता और मिले हुए बच्चों के लिए संचालित ‘ट्रैकचाइल्ड पोर्टल’, नागरिकों की सहभागिता वाला ‘खोया-पाया एप्लिकेशन’, और बच्चों के घर पुनर्वास के लिए बना ‘गो होम एंड री-यूनाइट (GHAR) पोर्टल’—इन सभी को अब एकीकृत मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है। ट्रैकचाइल्ड मॉड्यूल को गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों, बाल कल्याण समितियों (CWC), किशोर न्याय बोर्डों (JJB) और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के सहयोग से लागू किया जा रहा है, जिसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

इस पोर्टल को गृह मंत्रालय के ‘अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली’ (CCTNS) के साथ भी एकीकृत किया गया है। इस अंतर-संचालनीयता के चलते पुलिस द्वारा दर्ज लापता बच्चों की FIR का डेटाबेस सीधे मिशन वात्सल्य पोर्टल से मिलान किया जा सकता है, जिससे बच्चों की त्वरित खोज में मदद मिलती है। इसके अलावा, खोया-पाया मॉड्यूल के जरिए देश का कोई भी नागरिक किसी भी लापता या दिखे हुए बच्चे के बारे में सीधी सूचना दे सकता है।

कार्यान्वयन को सुचारू बनाने के लिए मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य व जिला स्तर पर नामित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए थे, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इसके साथ ही CWC और JJB जैसे प्राधिकरणों द्वारा पोर्टल पर समय पर जानकारी की प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने यह जानकारी दी और बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वास्तविक समय में डेटा रिपोर्टिंग और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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