Additional buses to run from March 22 to April 1 on Holi festival

होली पर्व पर 22 मार्च से 01 अप्रैल तक चलायी जायेंगी अतिरिक्त बसें


अनिवार्य प्रश्न। संवाद।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने होली के पर्व पर अत्यधिक बसों की व्यवस्था कराने एवं प्रोत्साहन योजना के संबंध में निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि होली पर्व से कुछ दिन पूर्व एवं इसके बाद तक देश एवं प्रदेश के अन्य हिस्सों से अपने घर लोग पर्व मनाने जाते हैं। 22 मार्च से 01 अप्रैल तक अतिरिक्त बसों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे कि यात्रियों को होली पर्व के दौरान यात्रा में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन मंत्री ने कहा कि गाजियाबाद/दिल्ली एवं पश्चिमी क्षेत्रों से लोग ज्यादा यात्रा करते हैं,जिसके दृष्टिगत इन क्षेत्रों में बसों एवं कर्मचारियों की संख्या आवश्यकतानुसार निर्धारित करते हुए पहले से ही तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक प्वाइंट से 60 प्रतिशत यात्री लोड मिलता है तो सभी पूर्वी क्षेत्र के अधिकारी होली पर्व अवधि में अतिरिक्त सेवाओं के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत निगम बसों को आनरोड किया जाए व निरन्तर चलाये जाने की व्यवस्था यथा आवश्यतानुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि पर्व अवधि में अनुबंधित बसों को अवकाश न दिया जाए। वाहन स्वामी अपने वाहनों की मरम्मत कार्य कराकर संचालन के लिए अपनी बसें उपलब्ध करायें। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिये कि जाम/दुर्घटना के फलस्वरूप अवरूद्ध संचालन को क्षेत्रीय प्रबंधक सुचारू बनाये रखने की तैयारी कर लें और तत्काल यात्रा सुनिश्चित करायें, जिससे कि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। प्रवर्तन दल निरन्तर क्षेत्र में ड्यूटी पर उपलब्ध रहें और चालकों/परिचालकों का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट किया जाए, जिससे कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध हो। बसों के कल-पुर्जे, खिड़कियों के शीशे इत्यादि लगे होने के साथ सीटों की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। साथ ही फायर सेफ्टी उपकरण भी बसों में मौजूद हो। परिवहन मंत्री ने कहा कि पर्व अवधि में ऐसे चालक/परिचालक जिसमें संविदा तथा आउटसोर्सिंग के चालक/परिचालक शामिल होंगे, को निर्धारित औसत कि0मी0 का संचालन करने पर रू0 350 प्रति दिवस की दर से विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जायेगा। इन्हें प्रोत्साहन अवधि में औसतन 300 कि0मी0 प्रतिदिन संचालन करना होगा। यदि ऐसे कार्मिक 11 दिन की सम्पूर्ण प्रोत्साहन अवधि तक कुल डयूटी करते है और निर्धारित कि0मी0 के उपरोक्त मानक को पूर्ण करते हैं तो रू0 400 प्रतिदिन की दर से प्रोत्साहन देय होगी। इसके अतिरिक्त संविदा/वाह्य स्रोत चालकों/परिचालकों को प्रोत्साहन अवधि में उपरोक्त निर्धारित मानक से अधिक कि0मी0 अर्जित करने पर अतिरिक्त कि0मी0 पर प्रति कि0मी0 55 पैसे का अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि पर्व अवधि में 11 दिन लगातार ड्यूटी करने वाले डिपो कार्यशाला एवं क्षेत्रीय कार्यशाला में कार्यरत कार्मिकां जिसमें आउटसोर्स कर्मी भी शामिल हैं को एक मुश्त 1800 रू0 प्रदान किया जायेगा तथा इस अवधि में 10 दिन की ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को एक मुश्त 1500 रूपया प्रदान किया जायेगा। प्रोत्साहन अवधि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों/उपाधिकारियां को क्षेत्रीय समिति की संस्तुति के अनुसार प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए समस्त क्षेत्रीय प्रबंधकों को 10,000 हजार रूपये एवं सेवा प्रबंधकों को 5000 रूपये की राशि भी दी जायेगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डिपो को रू0 50 प्रति निगम एवं अनुबंधित बस के आधार पर आगणित धनराशि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों/उपाधिकारियों में वितरित करेंगे। क्षेत्रीय एवं डिपो स्तर पर प्रोत्साहन अवधि में प्रदेश स्तर पर सर्वाधिक आय प्रति बस प्राप्त करने वाले तीन क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सेवा प्रबंधक तथा 10 डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को परिवहन निगम द्वारा प्रशस्ती पत्र प्रदान किया जायेगा।