अनिवार्य प्रश्न

सोने-चाँदी के छोटे व्यवसायियों और कारीगरों के ऊपर रोजी रोटी का संकट

अनिवार्य प्रश्न । संवाद लाकडाउन मे ही बीत जाएगी अक्षय तृतीयालग्न की विक्री भी इस बार रहेगी ठंढीसर्राफा व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की होगी करोड़ों की क्षति वाराणसी। सोने … Read More

गरीब मजदूरों को वितरित किया गया खाद्यान्न

अनिवार्य प्रश्न । संवाद कारोना जैसी आपदा में सरकारों के साथ जनसेवक भी कर रहे दो-दो हाथआदमी के काम आ रहा आदमी वाराणसी। समाजसेवी आशुतोष दुबे व स्थानीय लोगों के … Read More

पृथ्वी दिवस पर लगी चित्रकला प्रदर्शनी

अनिवार्य प्रश्न । संवाद बच्चों ने प्रकट किया पृथ्वि के प्रति प्रेमदर्जन भर से अधिक स्कूलों के बच्चों ने पन्नों पर उकेरा धरती को बचाने का संदेश कानपुर। विश्व पृथ्वी … Read More

कोरोना – नया रूप लेकर 102 साल पुराना दर्द

स्पेनिश फ्लू के बाद लगभग एक सदी के उपरान्त वैसी ही आपदा के रुप में सामने आए कोविड-19 के व्यापक विचार रख रहे हैं उत्तर प्रदेश गाजियाबाद के लेखक नीरज … Read More

अपनी खुद की खोदी हुई खाई में डूबती दुनिया

(कोविड-19 के संक्रमण काल पर एक विशेष संवेदनात्मक आलेख) कोविड-19 के संक्रमण काल में जब विश्व आपदा को जी रहा है तब विश्व की शक्तियों व आम आदमी के जीवन … Read More

क्यों भूल गया भारत भारतीय नव वर्ष

अनिवार्य प्रश्न । डेस्क हम अपनी महानतम संस्कृति को भूल कर आज पश्चिमी संस्कृति के नव वर्ष पर हर्ष मनाते हंै, क्या अपनी महान एवं सनातन संस्कृति से जुड़े नव … Read More

सोशल मीडिया हकीकत या फर्जी

सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मुद्दा ऐसा है जिसकी अब अनदेखी नहीं की जा सकती है। ऐसे में इसके खिलाफ कड़े कानून की सख्त जरूरत है। सोशल मीडिया पर शीघ्र … Read More

देश में अभिव्यक्ति की आजादी का मजाक बनाता हमारा समाज

अभिव्यक्ति की आजादी को भारतीयों द्वारा तहस-नहस किए जाने पर दुख जाहिर कर रहे हैं वरिष्ठ लेखक व शिक्षक डाॅ. अरविन्द सिंह क्या देश, धर्म, समाज के खिलाफ जहर उगलना … Read More

क्या होती है पादलगी या पलग्गी

भारतीय संस्कृति और परम्परा में चरणस्पर्श और उसकी वैज्ञानिकता भारतीय संस्कृित की कई सारी परम्पराएँ व रीतियाँ अनमोल हैं। जो इसकी सामाजिक व आध्यात्मिक सम्पदा की परिचायक हैं। इन्हीं में … Read More

गजल

बेचारगी को उम्रभर…डाॅ. नसीमा निशा, वाराणसी मोहताज दाने दाने को होता रहा किसान।बंजर जमीं में ख्वाब को बोता रहा किसान।।सरकार हो किसी की धोखा ही है मिला,बेचारगी को उम्रभर ढोता … Read More