अनिवार्य प्रश्न। संवाद। लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना सियासी दांव चलना शुरू कर दिया है। लखनऊ में पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर आयोजित श्ब्राह्मण सम्मेलनश् (प्रबुद्ध सम्मेलन) में अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय को लेकर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने भरे मंच से दावा किया कि पवन पांडेय इस बार अयोध्या विधानसभा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। राजनीतिक गलियारों और विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव से काफी पहले ही अखिलेश यादव का खुले मंच से यह कहना सीधे तौर पर पवन पांडेय की उम्मीदवारी पर मुहर लगाने जैसा है। इसका साफ मतलब निकाला जा रहा है कि अयोध्या सीट से पवन पांडेय का टिकट अब पूरी तरह से कन्फर्म हो चुका है। पवन पांडेय 2012 में भी अयोध्या सीट से विधायक चुने जा चुके हैं और अखिलेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।इस सम्मेलन के माध्यम से समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक श्च्क्।श् (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का विस्तार कर ब्राह्मण समाज और सवर्ण मतदाताओं को भी अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। 2027 के महासमर से पहले अयोध्या जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से अपना चेहरा लगभग तय करके अखिलेश यादव ने न केवल अपने कैडर को चुनावी मोड में ला दिया है, बल्कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को भी एक मजबूत सियासी चुनौती पेश की है। तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री हैं। वह अखिलेश यादव के बेहद करीबी और उनकी कोर टीम के सदस्य माने जाते हैं। पवन पांडेय ने साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद) सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और पहली बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने इस चुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता लल्लू सिंह को हराया था। अखिलेश यादव सरकार (2012-2017) के दौरान उन्हें मनोरंजन कर राज्य मंत्री और बाद में वन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पवन पांडेय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह साल 2004 में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी निर्वाचित हुए थे। पवन पांडेय वर्तमान में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर भाजपा सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर हमलावर हैं। वह इस मुद्दे को लेकर लगातार राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर सपा की तरफ से मोर्चा संभाले हुए हैं। Post navigation विधान परिषद में अनुपूरक बजट एवं विनियोग विधेयक को मिली स्वीकृति, ग्राम्य विकास विभाग हेतु ₹17,942.73 करोड़ का प्रावधान पारित मैं लौटूंगी फिर चाहे जेल हो या मौत, शेख हसीना का एलान