अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पी. जी .कॉलेज, वाराणसी के बुलानाला परिसर में दिनांक 28.09.2026 को विश्वविद्यालय सेवायोजन केन्द्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के कैरियर मार्गदर्शन एवं कौशल-विकास हेतु एक दिवसीय करियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती एवं महाराज अग्रसेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कॅरियर काउंसलिंग की समन्वयक एवं प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों अभिनंदन करते हुए कहा कि आज के बदलते रोजगार परिदृश्य में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और कौशल को पहचानकर भविष्य के लिए स्वयं को तैयार करना आवश्यक है।मुख्य अतिथि डॉ. रचना अग्रवाल, भाजपा नेत्री, वाराणसी महानगर ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि कौशल-विकास से सम्बन्धित कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने तथा निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में श्री मदन लाल ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कैरियर एवं रोजगारपरक योजनाओं जैसे रोजगार मेला, राजगार पोर्टल इत्यादि की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा अपने भविष्य की योजना अभी से तैयार करने के लिए प्रेरित किया।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कैरियर निर्माण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रभावी अध्ययन-सारणी, आत्मचिंतन, समय-प्रबंधन तथा प्फ, म्फ, ैफ एवं च्फ की अवधारणाओं और उनके पारस्परिक अंतर को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही लक्ष्य, निरंतर प्रयास, आत्मअनुशासन और अपनी क्षमताओं की सही पहचान भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनम चौधरी ने किया। इस अवसर पर प्रो. आकाश, डॉ. बंदनी, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, डॉ.श्रृंखला, डॉ. नंदिनी पटेल, डॉ. शोभा प्रजापति, डॉ. अंजलि त्यागी, डॉ. मीनाक्षी मधुर, डॉ. माया गुप्ता, डॉ. अपर्णा शुक्ला डॉ वेणु वनिता इत्यादि प्राध्यापक गण एवं छात्राएं उपस्थित रही। कार्यशाला में छात्राओं द्वारा कैरियर संबंधी अनेक प्रश्न पूछे गए जिसका उत्तर देकर विषय विशेषज्ञों द्वारा उनका मार्गदर्शन किया गया। कार्यशाला का समापन छात्राओं में कैरियर को लेकर नई दृष्टि, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति सजगता के साथ हुआ। कार्यशाला ने छात्राओं को यह संदेश दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास, निरंतर कौशल-विकास और आत्मविश्वास ही उज्ज्वल कैरियर की मजबूत आधारशिला है। Post navigation बरेका में 29 सितंबर से गूंजेगी कुश्ती की हुंकार, तीन दिवसीय अंतर रेलवे चैम्पियनशिप का आगाज कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 की पुनः जांच व पुनर्मतदान की मांग