El plan de intercambio de divisas del RBI fue un éxito rotundo se recaudaron 73.000 millones de dólares en reservas de divisas en 11 semanas.11 हफ्तों में जुटाया 73 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 8 जून 2026 को शुरू की गई विशेष अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपया स्वैप सुविधा और एफसीएनआर(बी) (FCNR-B) जमा योजना ने देश में विदेशी निवेश के प्रवाह में एक नया इतिहास रच दिया है। महज़ 11 सप्ताह के भीतर (21 अगस्त 2026 तक) इस योजना के तहत 73 अरब अमेरिकी डॉलर की विशाल विदेशी मुद्रा जुटाई गई है, जिसमें से 65.40 अरब डॉलर केवल एफसीएनआर(बी) योजना से प्राप्त हुए हैं। अनिवासी भारतीयों (NRI) की यह शानदार प्रतिक्रिया भारतीय बैंकिंग प्रणाली और भारत की विकास गाथा में उनके अटूट भरोसे को दर्शाती है।

इस पहल ने आरबीआई की 2013 की उस योजना को भी काफी पीछे छोड़ दिया है, जिसने तीन महीने में 26 अरब डॉलर जुटाए थे। इस अभूतपूर्व सफलता और तय समय से पहले ही लक्ष्य प्राप्ति को देखते हुए, आरबीआई ने अब इस विंडो को 30 सितंबर के बजाय 31 अगस्त 2026 को ही बंद करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम, वैश्विक वित्तीय चुनौतियों के बीच भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बेहद किफायती और मजबूत तरीके से सुरक्षित कर रहा है।

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