अनिवार्य प्रश्न। संवाद। मुंगेर। मुंगेर में एनएच-333बी स्थित पुल के गाइडवाल में दरार मिली। प्रशासन ने मुख्य संरचना को सुरक्षित बताया। एनएचएआई की तकनीकी जांच जारी है, रिपोर्ट के आधार पर स्थायी मरम्मत होगी। मुंगेर में एनएच-333बी स्थित पुल के गाइडवाल में दरार मिली। प्रशासन ने मुख्य संरचना को सुरक्षित बताया। एनएचएआई की तकनीकी जांच जारी है, रिपोर्ट के आधार पर स्थायी मरम्मत होगी। मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-333बी पर सुजावलपुर के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप बने आरसीसी पुल के गाइडवाल में दरार आने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है तथा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। दरार के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर स्थायी समाधान किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, एनएच-80 को एनएच-31 से जोड़ने वाले एनएच-333बी का उद्घाटन 11 फरवरी 2022 को हुआ था। यह मार्ग उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि बढ़ते यातायात दबाव के कारण गाइडवाल में दरार आई हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि तकनीकी जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। बताया जा रहा है कि श्रावणी मेले के शुरू होने से पहले पुल के गाइडवाल में लगभग एक इंच से अधिक चौड़ी दरार दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक से बात कर तत्काल तकनीकी जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक एवं तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में दरार केवल गाइडवाल में पाई गई है, जबकि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। विशेषज्ञों की टीम विस्तृत तकनीकी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक मरम्मत कार्य कराते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पुल की लगातार निगरानी की जा रही है तथा संबंधित निर्माण एजेंसी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी खामी सामने आती है तो उसके अनुरूप तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। मुंगेर में एनएच-333बी स्थित पुल के गाइडवाल में दरार मिली। प्रशासन ने मुख्य संरचना को सुरक्षित बताया। एनएचएआई की तकनीकी जांच जारी है, रिपोर्ट के आधार पर स्थायी मरम्मत होगी। Post navigation भारत और यूके के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता देश की आर्थिक प्रगति का नया अध्यायः शेखावत