अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने देश भर में संगठित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए 440 से अधिक लुप्तप्राय व संरक्षित जंगली जानवरों और लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत को जब्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस व्यापक और समन्वित कार्रवाई के दौरान तस्करी में संलिप्त 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अभियान के तहत राजस्थान के सुजानगढ़ में 11 किलो हाथीदांत के साथ चार तस्करों को दबोचा गया, जबकि मैसूर में 4 किलो हाथीदांत जब्त कर तीन लोगों को पकड़ा गया। इसके साथ ही हावड़ा में बांग्लादेश से तस्करी कर लाई गई हाथीदांत की दो बेशकीमती मूर्तियां बरामद की गईं। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कामयाबी 7-8 जुलाई 2026 को देखने को मिली, जब DRI मुंबई और CBI की आर्थिक अपराध शाखा (EOB) ने वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के सहयोग से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस संयुक्त ऑपरेशन में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-I में शामिल 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्शियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बचाया गया, जिसकी आगे की जांच अब CBI कर रही है। इसके अतिरिक्त, DRI ने बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों से भारत में हो रही दुर्लभ जीवों (जैसे बोर्नियो अजगर, गोएल्डी मार्मोसेट, सियामांग गिब्बन और ऊनी बंदर) की तस्करी की कोशिशों को नाकाम किया है। बेंगलुरु, पुणे, सूरत, चेन्नई और असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए इन ऑपरेशनों में पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल और रेड सैंड बोआ जैसी कई संरक्षित प्रजातियां भी बरामद की गई हैं। विभिन्न राज्य वन विभागों, स्थानीय पुलिस और सीमा शुल्क इकाइयों के सहयोग से किए गए ये सफल ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संधियों (CITES) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और देश की समृद्ध जैव विविधता की सुरक्षा के लिए DRI के कड़े रुख को दर्शाते हैं। Post navigation लद्दाख में जांबाजों का कमाल: JIM & WS टीम ने फतह की ‘माउंट ख्यम त्सो मासिफ’ की चार दुर्गम चोटियाँ