अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वर्षों बाद मिलता है भुगतान, आर्थिक संकट से जूझ रहीं समूह सखियां वाराणसी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत विकास खंड बड़ागांव की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत समूह सखियों ने मानदेय वृद्धि एवं समय पर भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समूह सखियों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के गठन, महिलाओं को प्रशिक्षण देने, बैंक खाते खुलवाने, बीमा कराने, विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन भरवाने, डिजिटल सत्यापन, आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने, ऋण उपलब्ध कराने और उसकी नियमित वसूली सहित अनेक जिम्मेदारियां निभाती हैं। इसके अलावा वे ग्राम संगठन, संकुल और ब्लॉक स्तर की बैठकों में प्रतिभाग करने के साथ-साथ विभिन्न सर्वेक्षण, प्रशिक्षण कार्यक्रम, चौपाल, महिला सम्मान समारोह, सरस मेला एवं अन्य सरकारी आयोजनों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। समूह सखियों का कहना है कि पूरे माह लगातार कार्य करने के बावजूद उन्हें मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित है। आरोप है कि यह भुगतान भी कई वर्षों के अंतराल के बाद तथा कटौती के साथ प्राप्त होता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कम मानदेय और अनियमित भुगतान के कारण आवागमन, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक खर्चों का वहन करना कठिन हो गया है। समूह सखियों ने प्रशासन से मानदेय में वृद्धि करने तथा भुगतान की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। समूह सखियों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शासन और प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें। Post navigation कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 की पुनः जांच व पुनर्मतदान की मांग इंडिया एनर्जी वीक 2027 का कर्टन रेज़र कोलकाता में आयोजित; पाँचवाँ संस्करण भी कोलकाता में होगा