The National Human Rights Commission has taken cognizance of the death of 7-year-old Anya Rizwan due to alleged medical negligence and directed an impartial investigation.The National Human Rights Commission has taken cognizance of the death of 7-year-old Anya Rizwan due to alleged medical negligence and directed an impartial investigation.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

वाराणसी। चर्चित एएसजी आई हॉस्पिटल में कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण 7 वर्षीय मासूम अन्या रिजवान की मृत्यु के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने वाराणसी के जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर एटीआर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई प्रकरण संख्या 23864/24/72/2025 में 30 जुलाई 2026 को की गई।

जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने पीड़िता की माता आफरीन बानो की ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 7 वर्षीय अन्या रिजवान की एएसजीआई हॉस्पिटल में नेत्र शल्य चिकित्सा कराई गई थी। ऑपरेशन के बाद बच्ची को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। शिकायत में इसे प्रथम दृष्टया गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।

शिकायत में दोनों अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड तथा उपचार से जुड़े अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और जब्त करने की मांग भी की गई थी। साथ ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्वतंत्र जांच तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था।

मामले का परीक्षण करने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पाया कि शिकायत में लगाए गए आरोप मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं। आयोग के माननीय सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त, वाराणसी को मामले की निष्पक्ष जांच कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत ।एटीआर आयोग को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट एचआरसीनेट पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने आयोग की इस कार्रवाई को पीड़ित परिवार के न्याय संघर्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा है, जिससे अन्या रिजवान की मृत्यु के वास्तविक कारण सामने आ सकें और यदि किसी स्तर पर चिकित्सीय लापरवाही सिद्ध होती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।

उन्होंने बताया कि इस मामले में अधिवक्ता राजेश त्रिवेदी, आशुतोष शुक्ला, राजकुमार तिवारी एवं दीपक वर्मा सहित अधिवक्ताओं की टीम लगातार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है तथा पूरे प्रकरण की कानूनी निगरानी कर रही है।

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