अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पी.जी .कॉलेज, परमानंदपुर वाराणसी में दिनांक 29.09.2026 को राष्ट्रीय पोषण माह अवसर पर गृह विज्ञान विभाग द्वारा “पारंपरिक व्यंजन एवं पोषण” विषय पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया तथा उनके पोषण संबंधी महत्व, उपयोग की गई सामग्री एवं स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने पारंपरिक व्यंजनों को नवीन एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल के रूप में डॉ सोनम चौधरी, डॉ इरा त्रिपाठी द्वारा विभिन्न मानदंडों के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। निर्णायक मंडल ने व्यंजनों की पौष्टिकता, पारंपरिकता, प्रस्तुतीकरण, स्वच्छता, रचनात्मकता एवं नवाचार को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता के परिणाम निर्धारित किए।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. इरा त्रिपाठी, काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही ने अपने संबोधन में संतुलित आहार, पारंपरिक खाद्य पदार्थों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य को समझने तथा उन्हें दैनिक आहार में उचित रूप से शामिल करने के लिए प्रेरित किया।गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो अनीता सिंह ने कहा कि हमारी पारंपरिक खाद्य संस्कृति में पोषण का महत्वपूर्ण ज्ञान निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को परंपरा और आधुनिक पोषण विज्ञान के समन्वय के साथ स्वस्थ एवं जागरूक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में बचत एवं वित्तीय जागरूकता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से विभागाध्यक्ष द्वारा “पाई-पाई जुटाना है, विद्या धन को पाना है” संदेश के साथ आशीर्वाद स्वरुप पहला सिक्का डालकर १०० गुल्लक का वितरण भी किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को छोटी-छोटी बचत के महत्व तथा नियमित बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ अंजली त्यागी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में तनिष्का सिंह को प्रथम, डिंपल को द्वितीय एवं रुबीना और तान्या कुमारी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को पोषण, पारंपरिक खाद्य संस्कृति, नवाचार और बचत जैसे महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी विषयों से जोड़ने का प्रभावी अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर अनेक प्राध्यापकगण तथा छात्राएं उपस्थित रही। Post navigation विपक्ष अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को बना रहा निशाना- प्रदीप अग्रहरि नमो सेवा गाथा के तहत चार प्रमुख स्थलों पर गूँजी जन-सेवा नुक्कड़ नाट्य मंचन की गूंज