अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। दृष्टिबाधित होना किसी की क्षमताओं की सीमा नहीं इंजीनियर – प्रवीण कुमार वाराणसी। नेत्रहीन छात्रों में प्रतिभा की अपार क्षमता होती है। वे किसी भी क्षेत्र में सामान्य छात्रों से कम नहीं हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति, संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता के बल पर दृष्टिबाधित छात्र सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं। यह बात लोक निर्माण विभाग के वाराणसी वृत्त के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर प्रवीण कुमार ने कही। वह रविवार को पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन उत्तर प्रदेश के 11वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के सभागार में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय ‘दिव्यांग छात्रों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की भूमिका’ था। अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार ने कहा कि नेत्रहीन छात्र अपनी अन्य इंद्रियों की क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और तकनीकी ज्ञान के सहारे हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और उचित मार्गदर्शन मिलने पर ये छात्र अपनी प्रतिभा को और बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं। विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस आयुक्त गोमती जोन/क्राइम नृपेंद्र ने कहा कि नेत्रहीन छात्रों को दिव्यांग नहीं, बल्कि विशेष रूप से सक्षम मानना चाहिए। आज ये छात्र शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया, चंदौली की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रियंका पटेल ने कहा कि दृष्टि की कमी किसी व्यक्ति को सीखने और आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। आंखों की रोशनी सपनों की रोशनी को कम नहीं कर सकती। शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। कार्यक्रम में भाजपा विधि प्रकोष्ठ चंदौली के जिला संयोजक अशोक कुमार द्विवेदी, डॉ. चेतना और एकता मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए। इसके बाद कक्षा एक से आठ तक अपनी-अपनी कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नेत्रहीन छात्रों को शील्ड और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं 80 दिव्यांग छात्रों को अंगवस्त्र और खाद्य किट वितरित की गई। दिव्यांग छात्रों साहिल, सौरभ, अभिनव, प्रशांत, प्रिंस, कृष्णा, बजरंगी, निखिल ,सागर, सत्यम, सुमन ने सम्मानित होकर बोलें धन्यवाद पूर्वांचल पोस्ट। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मोनिका सिंह ने कहा कि दृष्टिबाधित होना किसी की क्षमताओं की सीमा नहीं है। उचित शिक्षा, अवसर और प्रोत्साहन से ऐसे विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। फाउंडेशन के प्रधानाचार्य विजय मिश्रा, प्रबंधक प्रशांत कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर पत्रकार अभिनव कुमार पांडेय, अभिजीत रॉय, नेहा रॉय, पूजा, अभय यादव, अमरदीप गुप्ता, मिथलेश कुमार, उमाशंकर मौर्या, कार्तिकेय पांडेय और मैनेजर नीरज दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे। Post navigation एलआईसी अधिकारियों का महाधिवेशन वाराणसी में संपन्न, संगठन और श्रमिक हितों पर हुआ मंथन पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की एयरस्ट्राइक हवाई हमले में तीन की मौत