अनिवार्य प्रश्न । संवाद। नई दिल्ली/गुवाहाटी: विदेशी सिगरेट की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई समन्वित अभियान चलाकर तस्करों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई ने मई 2026 से अब तक इन अभियानों के तहत तस्करी कर लाई गई विदेशी मूल की 71 लाख सिगरेट स्टिक जब्त की हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कुल कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस सिलसिले में अब तक चार तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार, इस कड़ी में सबसे बड़ी कार्रवाई 11 जून 2026 को मिजोरम में की गई। इस प्रमुख अभियान को असम राइफल्स की 34वीं बटालियन की सहायता से अंजाम दिया गया। इस दौरान मोंड, एक्ससो (Esse), ओआरआईएस (ORIS) और पैट्रॉन जैसे महंगे विदेशी ब्रांडों की 45 लाख से अधिक सिगरेट जब्त की गईं। इस बड़ी खेप के साथ मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन सिगरेटों की तस्करी भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित जोखावथर (Zokhawthar) सेक्टर के सुरक्षित माने जाने वाले रास्तों से की गई थी। म्यांमार से भारत में इस अवैध खेप को धकेलने के लिए तस्करों ने इस मार्ग का इस्तेमाल किया था। मिजोरम के इस प्रमुख अभियान के अलावा, डीआरआई ने पिछले कुछ सप्ताहों में पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में भी सघन तलाशी अभियान चलाए हैं। इन अतिरिक्त अभियानों में विदेशी ब्रांडों की 26 लाख सिगरेट स्टिक और बरामद की गई हैं, तथा तस्करी में शामिल 3 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई की यह लगातार कार्रवाई सीमा पार से हो रही अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। Post navigation इंडिया एआई मिशन ने लॉन्च किया स्वदेशी एआई वीडियो मॉडल ‘वार्या’, मात्र 4 चरणों में बनेगा वीडियो