अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। देश के बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय हेल्पलाइन ‘एल्डरलाइन 14567’ और ‘एजिंग विद डिग्निटी’ अभियान को देश भर में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। मंत्रालय की इस अनूठी ‘प्रतिज्ञा लें’ (Pledge) पहल से जुड़कर अब तक 5.36 लाख से अधिक नागरिकों ने वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, देखभाल और सम्मान के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करने का संकल्प लिया है, जिसके तहत सफल प्रतिभागियों को डिजिटल कमिटमेंट सर्टिफिकेट भी दिए जा रहे हैं। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस मुहिम को एक सामूहिक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए देशवासियों से मंत्रालय के पोर्टल पर जाकर अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है ताकि एक समावेशी भारत का निर्माण किया जा सके। गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 2021 को राष्ट्र को समर्पित की गई ‘एल्डरलाइन (14567)’ एक टोल-फ्री, अखिल भारतीय हेल्पलाइन है, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सप्ताह के सातों दिन सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक बुजुर्गों की सेवा में तत्पर रहती है। यह हेल्पलाइन एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है, जिसके जरिए जरूरतमंद वृद्धों को स्वास्थ्य सुविधाओं, वृद्धाश्रमों व सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ कानूनी मामलों, पेंशन विवादों और अकेलेपन व मानसिक तनाव से निपटने के लिए भावनात्मक सहयोग भी दिया जाता है। इतना ही नहीं, यह टीम जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर बेघर या उपेक्षित बुजुर्गों के रेस्क्यू और उन्हें परिवार से मिलाने का सराहनीय कार्य भी कर रही है। सरकार की इस चौतरफा पहल का मुख्य लक्ष्य एक ऐसे संवेदनशील समाज का निर्माण करना है जहां वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभव का सम्मान हो तथा उनके अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Post navigation लोहरदगा हॉस्टल में सांप के काटने से छात्रा की मौत पर NHRC का कड़ा रुख