अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) को उसके हालिया पेश किए गए नए फीचर को लेकर एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। सरकार का कहना है कि यह नया अपडेट देश के मौजूदा डिजिटल नागरिक सुरक्षा और डेटा गोपनीयता नियमों का उल्लंघन कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस फीचर के जरिए यूजर्स के डेटा शेयरिंग पैटर्न में कुछ ऐसे बदलाव देखे गए हैं, जो गोपनीयता नीतियों के मानकों पर खरे नहीं उतरते। सरकार ने कंपनी से इस फीचर की कार्यप्रणाली और इसके सुरक्षा प्रोटोकॉल पर अगले 15 दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा है। इस नोटिस के बाद डिजिटल राइट्स एक्सपर्ट्स और आम यूजर्स के बीच डेटा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि व्हाट्सएप का यह नया फीचर देश के तकनीकी और सुरक्षा कानूनों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो इस फीचर पर रोक लगाने या कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने से गुरेज नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वे सरकार द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह सहयोग करेंगे। Post navigation बेंगलुरु के आईटी कंपनी क्रेच में बच्चों से क्रूरता: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, कर्नाटक सरकार और पुलिस से मांगी रिपोर्ट