PIB’s ‘Vartalap’ media workshop organized for journalists in BhadohiPIB’s ‘Vartalap’ media workshop organized for journalists in Bhadohi

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

पीआईबी द्वारा आयोजित वार्तालाप मीडिया कार्यशाला में भदोही क्षेत्र के 80 से अधिक पत्रकारों ने लिया हिस्सा

ज्ञानपुर (भदोही)। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), वाराणसी द्वारा भदोही जनपद में पत्रकारों के लिए मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन आज ज्ञानपुर में किया गया। कार्यशाला के दौरान 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 और नशामुक्त भारत अभियान के तहत पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया की रोकथाम, नशे के दुष्प्रभाव और नशामुक्त भारत अभियान में मीडिया की भूमिका पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि भदोही जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी बालगोविंद शुक्ल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक बाला लखेंद्र, राष्ट्रीय नशा मुक्ति और पुनर्वास परामर्श समिति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, के सदस्य श्री सुमित कुमार सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डा.अमरीश तथा कार्यक्रम संयोजक एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), वाराणसी के सहायक निदेशक डॉ. लालजी ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। सबकी भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने नशे से व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए मीडिया से नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के प्रयासों में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की कर्मठता से देश के नागरिकों के जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के प्रधानमंत्री के लक्ष्य की सराहना करते हुए इसे दूरदर्शी और अद्वितीय पहल बताया।
श्री त्रिपाठी ने पत्रकारों का आह्वान किया कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की सही एवं तथ्यपरक जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ‘वार्तालाप’ जैसे कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिनसे जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलती है। उन्होंने भदोही जनपद में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए पीआईबी की सराहना की।

मुख्य विकास अधिकारी बालगोविंद शुक्ल ने पोषण और संतुलित खानपान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए पोषणयुक्त आहार को आवश्यक बताते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा मां के दूध के महत्व पर चर्चा की। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक श्री बाला लखेंद्र ने पोषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण में उचित पोषण और जागरूकता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला के दौरान उन्होंने पत्रकारों की भूमिका और सूचना के फॉलो-अप के महत्व पर भी चर्चा की। फर्जी और भ्रामक सूचनाओं की पहचान तथा तथ्यों की पुष्टि के लिए पीआईबी फैक्ट चेक जैसे माध्यमों का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय नशा मुक्ति और पुनर्वास परामर्श समिति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, के सदस्य सुमित कुमार सिंह ने नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों और नशामुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान को युवाओं की भागीदारी और ‘विकसित भारत युवा संकल्प’ से जोड़ते हुए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। उन्होंने नशे से होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर चर्चा करते हुए महात्मा गांधी के विचारों और योगदान का भी उल्लेख किया।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरीश ने पोषण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं में एनीमिया के प्रमुख कारणों तथा इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के संयोजक एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, वाराणसी के सहायक निदेशक डॉ. लालजी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा राष्ट्रीय पोषण माह और नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने वार्तालाप’ को मीडिया और सरकार के बीच संवाद का एक सशक्त मंच बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पत्रकारों और सरकारी तंत्र के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना, केंद्र सरकार की योजनाओं एवं नीतियों की तथ्यपरक जानकारी मीडिया तक पहुंचाना तथा भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए पत्रकारों को आवश्यक जानकारी एवं संसाधनों से परिचित कराना है। कार्यशाला में 80 से ज्यादा स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और पोषण तथा नशामुक्ति से संबंधित विषयों पर संवाद एवं विचार-विमर्श किया।

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