अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज वाराणसी के परमानंदपुर परिसर में उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के अंतर्गत रविवार को वृक्षारोपण किया गया। प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वृक्षारोपण महायज्ञ के संदर्भ में कहा कि आज संपूर्ण विश्व ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मानवता के प्रति हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। एक वृक्ष अपने पूरे जीवनकाल में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने, वायु को शुद्ध बनाने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने तथा असंख्य जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर एक सशक्त हरित विरासत का निर्माण करना भी है। प्रो आभा सक्सेना ने कहा कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने एवं पृथ्वी को हरा भरा बनाने के लिए हम सभी को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। पेड़ लगाकर हम न सिर्फ अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करते हैं। प्रो दुष्यंत सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज वनों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ती जा रही है इसलिए हम सभी का नैतिक दायित्व है कि हम अधिक से अधिक पेड़ लगाए और उनकी सुरक्षा करें जिससे हमारे आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध वायु एवं जल की समस्या ना हो। इसी उद्देश्य के साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आज के दिन 12 जुलाई 2026 को संपूर्ण उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृक्ष लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रो अनीता सिंह, प्रो कुमुद सिंह, प्रो आकाश, प्रो मृदुला व्यास, डॉ सरला सिंह, डॉ सुधा यादव, डॉ सोनम चौधरी, श्रीमती मेनका सिंह, श्रीमती शोभा प्रजापति इत्यादि अनेक प्रवक्तागण,कर्मचारी तथा छात्राएं उपस्थित रही। Post navigation महामना मालवीय मिशन काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा प्रसिद्ध समाजसेवी इंजीनियर सुरेंद्र ’प्रसाद त्रिपाठी की स्मृति में श्रद्धांजलि’सभा किया गया आयोजन राम मंदिर दान प्रकरण में सार्वजनिक आरोप लगाने वालों से साक्ष्य लेने की मांग, एसआईटी को भेजा विस्तृत प्रार्थना-पत्र