सैनिक स्कूल तिलैया – राष्ट्र निर्माण का अहम् भागीदार : “तिलैयन डायरी” से उद्धृत अंश

पुटुस से पटे हुए सड़क के दोनों किनारे। मुख्य दरवाजे पर बारिश से भीगा तोप। अंदर घुसते ही, बाईं तरफ छोटी-छोटी दकानें, जो एक बोर्डिंग स्कूल में रह रहे बच्चोँ … Read More

विधिक मंथन : क्या हाउसिंग सोसायटी अविवाहित लोगों को घर किराए पर लेने से रोक सकता है? – एड. संजय पांडे

कई मकान मालिकों का कुंवारे या अकेले रह रहे लोगों को घर किराये पर देने का अनुभव अच्छा होता है. साथ ही, कुंवारे लोगों को किराए पर लेना फ्लैट मालिक … Read More

इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म का अंत या अल्पविराम? – वीरेंद्र बहादुर सिंह

दिल्ली में एक पुस्तक के लोकार्पण के दौरान भारत के मुख्य न्यायमूर्ति एन.वी.रमण ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि ‘देश में इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म का अंत आ गया है। … Read More

आजादी में योगदान और बलिदान देनेवाली विरांगनाओं का इतिहास : अस्मिता प्रशांत ‘पुष्पांजलि’

हम जब भी उंचे निल गगन में शान से लहराते तिरंगे को राष्ट्रगीत के साथ सलामी देते हैं, तो अपनी छाती को गर्व से और भी दो इंच फुला हुआ … Read More

पुस्तकों का दान अब जरुरी होता जा रहा है! लेेखक सलिल सरोज की कलम से…

“एक बार जब आप पढ़ना सीख लेते हैं, तो हमेशा के लिए आजाद हो जाते हैं।” – फ्रेडरिक डगलस पुस्तकें आपको सोचने-समझने पर विवश करती है और मनुष्य को मनुष्य … Read More

कोविड-19 का दूसरा डोज जरूरी क्यों?

अनिवार्य प्रश्न। संवाद हम सभी ने विगत दो लहरों में देखा है कि कोरोना बीमारी लईलाज है तथा इसके खतरे इतने ज्यादा हैं कि कुछ लोग काल कवलित हो जाते … Read More

कोरोना महामारी के रोकथाम में भारतीय चिकित्सा पद्धति ‘आयुर्वेद’ काफी सफल : वैद्य रोहित पाण्डेय

वैद्य रोहित पाण्डेय महामारी अर्थात जनमार या जनपदोध्वंश समय-समय पर मानव सभ्यता की क्षति करती है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोरोना वायरस का संक्रमण विकराल रूप लेकर महामारी ही बन चुका … Read More

मादक द्रव्यों के सामाजिक नुकसान : सलिल सरोज

मादक द्रव्यों के सामाजिक नुकसान विषय को केन्द्र में रखकर मादक द्रब्यों के सेवन के व्यापक नुकसान की पड़ताल कर रहे हैं वरिष्ठ लेखक सलिल सरोज युवा पीढ़ी में मादक … Read More

मदिरापान के होते हैं व्यापक दुष्परिणाम

मदिरापान के होते हैं व्यापक दुष्परिणाम अपने वैज्ञानिक व तर्कपूर्ण विवेचना से शराब सेवन करने वालों के जीवन पर पड़ने वाले भयानक नकारात्मक प्रभावों का सुन्दर शाब्दिक रेखांकन कर रहे … Read More

महात्मा गांधी और नया भारत: सलिल सरोज

महात्मा गांधी की भूमिका और प्रभाव को निर्विवाद मानते हुए उनके विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहत प्रासंगिक व अचूक मान रहे हैं वरिष्ठ लेखक व कवि सलिल सरोज। न्यू … Read More