मोबाइल युग, कश्मकश में जिंदगी बस जीये जा रहे हैं लोग : पायल लक्ष्मी सोनी

आलेख समय बदल चुका है और हमने समय के साथ चलना सीख भी लिया है। समय के साथ बहुत से बदलावों को अपनाया और बहुत सी आदतों को छोड़ दिया … Read More

सैनिक स्कूल तिलैया – राष्ट्र निर्माण का अहम् भागीदार : “तिलैयन डायरी” से उद्धृत अंश

पुटुस से पटे हुए सड़क के दोनों किनारे। मुख्य दरवाजे पर बारिश से भीगा तोप। अंदर घुसते ही, बाईं तरफ छोटी-छोटी दकानें, जो एक बोर्डिंग स्कूल में रह रहे बच्चोँ … Read More

आजादी में योगदान और बलिदान देनेवाली विरांगनाओं का इतिहास : अस्मिता प्रशांत ‘पुष्पांजलि’

हम जब भी उंचे निल गगन में शान से लहराते तिरंगे को राष्ट्रगीत के साथ सलामी देते हैं, तो अपनी छाती को गर्व से और भी दो इंच फुला हुआ … Read More

कहानी : और क्या लूं, डॉक साब…!

कहानी  पवार साहेब ने वर्मा जी को नमस्कार करते हुए पूछा कि वर्मा जी आज अल सुबह कहां जा रहें है? वर्मा जी ने, पवार साहेब का अभिवादन स्वीकार करते … Read More

पुस्तकों का दान अब जरुरी होता जा रहा है! लेेखक सलिल सरोज की कलम से…

“एक बार जब आप पढ़ना सीख लेते हैं, तो हमेशा के लिए आजाद हो जाते हैं।” – फ्रेडरिक डगलस पुस्तकें आपको सोचने-समझने पर विवश करती है और मनुष्य को मनुष्य … Read More

‘उड़ान’ का प्रथम प्रयास, स्वयंभू कवि सम्मेलन संपन्न

अनिवार्य प्रश्न। संवाद। इन्दौर। संस्था विद्यांजलि भारत मंच के प्रकल्प (उड़ान एक पहल) में शामिल पंजीकृत नवांकुर कवियों के रूप में पुष्पेंद्र पटेल पुष्प पीथमपुर, स्वाति सिंह साहिबा महेश्वर, यश … Read More

स्याही प्रकाशन से प्रकाशित ‘मेरी पीर रही अनगायी’ एवं ‘दिव्य दोहावली’ पुस्तक का लोकार्पण

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। काशी की सुख्यात प्रकाशन संस्था ‘स्याही प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित व काशी के वयोवृद्ध साहित्यकार योगेंद्र नारायण चतुर्वेदी ‘वियोगी’ के द्वारा लिखित श्रृंगार व उसके पीर … Read More

कविता : अधूरा छूट गया : डॉ. मधुबाला सिन्हा

कविता : अधूरा छूट गया : डॉ. मधुबाला सिन्हा मान मिला सम्मान मिला, पर कुछ तो अधूरा छूट गया! सपनलोक का तू तो कुँवर था मैं तेरे सपनों की रानी … Read More

पखवाड़ा है हिंदी का : कंचन सिंह परिहार

नवगीत : पखवाड़ा है हिंदी का पखवाड़ा है हिंदी का, पखवाड़ा है हिंदी का। आओ मिलकर साथ मनाएं, पखवाड़ा है हिंदी का।।1।। कल तक वो जो अंग्रेजी के गुण गाने … Read More

कोरोना महामारी के रोकथाम में भारतीय चिकित्सा पद्धति ‘आयुर्वेद’ काफी सफल : वैद्य रोहित पाण्डेय

वैद्य रोहित पाण्डेय महामारी अर्थात जनमार या जनपदोध्वंश समय-समय पर मानव सभ्यता की क्षति करती है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोरोना वायरस का संक्रमण विकराल रूप लेकर महामारी ही बन चुका … Read More